
बिहार के तकरीबन एक करोड़ चार लाख गरीब परिवारों (1.04 करोड़) के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है। राज्य सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत इन सभी पात्र परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने जा रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत सर्वे और सत्यापन का काम पूरा हो चुका है और जल्द ही नई लाभार्थी सूची जारी कर आवास आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
योजना का विवरण (Overview of the Scheme)
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) केंद्र और राज्य सरकार की एक संयुक्त पहल है, जिसका उद्देश्य देश के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बेघर या कच्चे घरों में रहने वाले परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है। बिहार में इस योजना का क्रियान्वयन ग्रामीण विकास विभाग (Rural Development Department) कर रहा है। योजना शहरी क्षेत्रों के लिए भी है, जहां पात्र परिवारों को मकान निर्माण या खरीद पर सब्सिडी दी जाती है, लेकिन वर्तमान विवरण ग्रामीण आवास योजना (PMAY-G) के बारे में है।
नीचे दी गई तालिका में इस योजना की प्रमुख बातें एक नजर में देखी जा सकती हैं:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G) |
| प्रभारी विभाग | ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार |
| कुल लाभार्थी परिवार | 1.04 करोड़ (प्रतीक्षा/नई लिस्ट में) |
| सहायता राशि | ₹1,20,000 – ₹2,50,000 (मकान निर्माण हेतु) |
| भुगतान विधि | डीबीटी (DBT) – सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में |
| वार्षिक आय सीमा (पात्रता) | EWS: ₹3 लाख, PMAY-G: मासिक आय सीमा ₹15,000 |
| आधिकारिक वेबसाइट | https://pmayg.nic.in |
बिहार में PMAY-G के तहत अब तक की उपलब्धियां और आंकड़े
बिहार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के क्रियान्वयन में अब तक काफी प्रगति की है और पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, वर्ष 2016-17 से लेकर अब तक (विभिन्न चरणों में) निम्नलिखित आंकड़े सामने आए हैं:
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2016-17 से 2021-22: 36.61 लाख गरीब परिवारों को पक्का मकान दिया गया।
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2021-22 से 2025-26: 2,88,743 परिवारों को पक्के घर दिए गए।
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2016-17 से अब तक कुल: 39,49,743 गरीब परिवारों (लगभग 39.50 लाख) को पक्के मकान का लाभ दिया जा चुका है।
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इतने राशि खर्च हुई है: सरकार को योजना के क्रियान्वयन में अब तक 53,952 करोड़ रुपये खर्च करने पड़े हैं।
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ऑनलाइन आवेदन: 20 लाख परिवारों ने पीएम आवास के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है।
नई पात्रता शर्तें और अपात्रता (Eligibility & Disqualification)
PMAY-G 2026 में पात्रता के नियमों में कुछ अहम बदलाव किए गए हैं। एक ओर जहां सरकार ने योजना को और अधिक समावेशी बनाने के लिए कुछ मानदंडों को उदार (Liberal) किया है, वहीं दूसरी ओर दुरुपयोग को रोकने के लिए स्पष्ट अपात्रता मानदंड भी निर्धारित किए हैं।
नई पात्रता शर्तें
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आय सीमा (Income Limit): परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। नए नियमों के अनुसार, पात्रता के लिए अब मासिक आय सीमा 10,000 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये कर दी गई है।
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मकान की स्थिति (Housing Status): आवेदक के पास खुद का कोई पक्का मकान नहीं होना चाहिए।
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निवास: आवेदक बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए और SECC 2011 के आंकड़ों में शामिल हो या उसकी सिफारिश ग्राम सभा द्वारा की गई हो।
अपात्रता मानदंड
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निर्धारित आय से अधिक आय: यदि परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक है।
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पक्का मकान या अधिक कमरे: जिन परिवारों के पास दो कमरों से अधिक का पक्का मकान है, वे पात्र नहीं होंगे।
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निजी चारपहिया वाहन: जिन परिवारों के पास कार या फोर-व्हीलर है।
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सरकारी नौकरी: परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है।
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रजिस्टर्ड कारोबार: परिवार सरकार के साथ रजिस्टर्ड गैर-कृषि व्यवसाय चला रहा है।
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आधुनिक कृषि उपकरण: परिवार के पास खेती के लिए अत्याधुनिक चार पहिया कृषि उपकरण हैं।
वित्तीय सहायता और किस्तों का विवरण
PMAY-G के तहत लाभार्थियों को मकान बनाने के लिए वित्तीय सहायता तीन किस्तों में दी जाती है। कुल सहायता राशि क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग है:
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मैदानी क्षेत्र (Plain Areas): ₹1,20,000 से ₹1,54,950 की सहायता।
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पहाड़ी क्षेत्र (Hilly/Difficult Areas): ₹1,30,000 की वित्तीय सहायता।
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मनरेगा मजदूरी: मकान निर्माण के लिए 90-95 दिनों की मजदूरी भी उपलब्ध कराई जाती है।
नई लिस्ट में नाम कैसे देखें? (Online/Offline Status Check)
2026 की नई लाभार्थी सूची (New Beneficiary List 2026) में अपना नाम देखने के लिए आप नीचे दिए गए आसान तरीकों का उपयोग कर सकते हैं:
1. ऑनलाइन (Online) – आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से
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चरण 1: PMAY-G की आधिकारिक वेबसाइट
https://pmayg.nic.inपर जाएं। -
चरण 2: होम पेज पर ‘Stakeholders’ या ‘Awaassoft’ टैब पर क्लिक करें। फिर ‘Beneficiary List’ या ‘Social Audit Reports’ विकल्प चुनें।
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चरण 3: ‘Advance Search’ का चयन करें और अपना राज्य (Bihar), जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत का चयन करें।
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चरण 4: ‘Pradhan Mantri Awas Yojana Gramin’ योजना चुनें, कैप्चा कोड भरें और ‘सबमिट’ पर क्लिक करें।
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चरण 5: आपके सामने आपके गांव की पूरी सूची (PDF) प्रदर्शित हो जाएगी। अपना नाम खोजें।
2. ऑफलाइन (Offline)
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अपने नजदीकी ग्राम पंचायत भवन, ब्लॉक कार्यालय या प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) के कार्यालय में जाकर सूची देख सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: क्या PMAY-G के तहत बिहार सरकार को केंद्र सरकार से धन मिल गया है?
उत्तर: अभी पूर्ण स्वीकृति नहीं मिल पाई है। बिहार सरकार ने केंद्र से 1.04 करोड़ परिवारों के लिए लंबित 3,000 करोड़ रुपये की तत्काल रिहाई का अनुरोध किया है। जैसे ही केंद्र सरकार से स्वीकृति मिलती है, आवास आवंटन शुरू हो जाएगा।
प्रश्न 2: क्या मैं इस योजना के लिए आवेदन कर सकता हूं और प्रक्रिया क्या है?
उत्तर: पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाले परिवार इसके लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। सबसे पहले अपनी ग्राम पंचायत में सूची (Permanent Waiting List) में नाम दर्ज करवाएं। सही प्रक्रिया के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें।
प्रश्न 3: बिहार में अब तक PMAY-G के तहत कितने घरों का निर्माण हो चुका है?
उत्तर: नवीनतम आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक 12.19 लाख पक्के घरों का निर्माण किया जा चुका है, और अन्य घरों का निर्माण प्रगति पर है।
प्रश्न 4: यदि मैं सीधे इस योजना का लाभ नहीं उठा पाता तो क्या कोई विकल्प है?
उत्तर: हां, राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री आवास योजना (CMAY)’ भी शुरू की है, जो PMAY-G के मानदंडों से वंचित परिवारों को लाभान्वित करती है। साथ ही, भूमिहीन व्यक्तियों के लिए ‘मुख्यमंत्री स्थल क्रय योजना’ भी है, जिसके तहत जमीन की खरीद के लिए 1.20 लाख रुपये का प्रावधान है।
प्रश्न 5: क्या केंद्र द्वारा PMAY योजना के तहत सहायता राशि बढ़ाने का कोई प्रस्ताव है?
उत्तर: केंद्र सरकार ने PMAY 2.0 के रूप में योजना को 2026 तक बढ़ा दिया है और फंडिंग पैटर्न में संशोधन किया है। इसके तहत सहायता राशि 1.20 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.50 लाख रुपये तक करने की बात कही गई है।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY-G) बिहार के गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। ‘आवास प्लस 2.0’ सर्वे के तहत करीब एक करोड़ चार लाख परिवारों को इस योजना के दायरे में लाया गया है, जो निस्संदेह एक ऐतिहासिक पहल है। जैसे ही केंद्र सरकार से धनराशि जारी होगी, लाखों परिवारों का सपना साकार हो जाएगा।
हमारा सुझाव है कि आप आधिकारिक अपडेट के लिए समय-समय पर आधिकारिक वेबसाइट